उत्तर प्रदेश

पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से बर्रा-गुजैनी में 30 मकान जलमग्न

Kavita2
24 Aug 2026 1:59 PM IST
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से बर्रा-गुजैनी में 30 मकान जलमग्न
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कानपुर। पांडु नदी के बढ़ते जलस्तर का असर अब नदी से सटे निचले इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। बर्रा और गुजैनी क्षेत्र में नदी का पानी बढ़ने से करीब 30 मकान जलभराव की चपेट में आ गए हैं। घरों में पानी घुसने के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। अचानक घरों में पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रभावित परिवार जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं।

स्थिति की जानकारी मिलने के बाद रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह और सदर तहसीलदार विनय द्विवेदी ने नगर निगम तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

घरों में घुसा नदी का पानी

पांडु नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी फैलने लगा। बर्रा और गुजैनी क्षेत्र के कई घर इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी बढ़ने के साथ ही घरों के आसपास जलभराव शुरू हो गया और कुछ मकानों के अंदर भी पानी पहुंच गया।

घरों में पानी भरने के कारण लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित परिवारों ने सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया। कई लोगों ने घर का जरूरी सामान भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

प्रशासन ने किया स्थलीय निरीक्षण

जलभराव की सूचना मिलने के बाद एसडीएम सदर अनुभव सिंह और सदर तहसीलदार विनय द्विवेदी ने रविवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उनके साथ नगर निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में जाकर जलभराव की स्थिति देखी और स्थानीय लोगों से बातचीत की। लोगों ने अधिकारियों को बताया कि नदी का पानी बढ़ने से उनके घर प्रभावित हुए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान तथा भोजन-पानी की आवश्यकता है।

अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य किया जाएगा।

कंपोजिट विद्यालय में बनाया राहत शिविर

एसडीएम ने प्रभावित लोगों को जानकारी दी कि प्रशासन की ओर से कंपोजिट विद्यालय में राहत शिविर बनाया गया है। जलभराव से प्रभावित परिवारों को आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविर में ठहराया जा सकता है।

राहत शिविर में प्रभावित लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से बाढ़ राहत किट भी उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से अपील की कि यदि उनके घरों में पानी बढ़ता है या वहां रहना असुरक्षित हो जाता है तो वे राहत शिविर में चले जाएं।

प्रशासन का प्रयास है कि जलभराव के कारण किसी परिवार को भोजन, पेयजल और सुरक्षित आश्रय की समस्या न हो।

स्थानीय लोगों ने बताई परेशानी

प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। स्थानीय लोगों का कहना था कि पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण निचले इलाकों में पानी तेजी से पहुंचा। घरों में पानी आने से परिवारों को काफी परेशानी हुई।

लोगों ने जल निकासी की व्यवस्था बेहतर करने और नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने की मांग की। उनका कहना था कि जलभराव बढ़ने की स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो सकती है।

अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

नगर निगम और सिंचाई विभाग सक्रिय

स्थलीय निरीक्षण के दौरान नगर निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी स्थिति की जानकारी दी गई। दोनों विभागों के अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों की स्थिति का आकलन किया।

प्रशासन की निगरानी में जलस्तर और जलभराव की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यदि पानी और बढ़ता है तो प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा सकती है।

प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। इसके साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

राहत सामग्री की व्यवस्था

राहत शिविर में प्रभावित परिवारों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई है। बाढ़ राहत किट के माध्यम से जरूरत की सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति के अनुसार राहत सामग्री की व्यवस्था आगे भी की जाएगी।

प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी होने पर प्रशासन को सूचना देने के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

जलस्तर पर बनी हुई है नजर

पांडु नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल सबसे ज्यादा असर नदी से सटे निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। करीब 30 मकानों में जलभराव की स्थिति बनने के बाद प्रशासन ने राहत व्यवस्था शुरू कर दी है।

अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में किसी भी तरह की बढ़ोतरी होने पर प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज किया जाएगा। स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

फिलहाल बर्रा और गुजैनी के प्रभावित परिवारों को राहत शिविर और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के बाद लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। आने वाले समय में नदी का जलस्तर घटता है या और बढ़ता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परिवारों को भोजन, पानी और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।

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